Category: Spiritual Story

जब श्री कृष्ण ने दिया राधा रानी को श्राप

Shri Krishan Ne Diya Tha Radhe Rani ko Shraap: श्री कृष्ण का राधा रानी को श्राप, कभी नहीं होगी संतान: “श्री” का अर्थ है “शक्ति” अर्थात “राधा जी” कृष्ण यदि शब्द हैं तो राधा अर्थ हैं। कृष्ण गीत हैं तो राधा...

भगवान अपने सच्चे भक्त से रिश्ता निभाते हैं।

भगवान में आस्था रखना और उनपर विश्वास करना दोनों अलग अलग बातें है। अगर आप अपने भगवान की सच्ची भक्ति करते है तो भगवान् भी आपके साथ अपना रिश्ता जरुर निभाते है। यदि भगवान से निकट आना है तो उनसे कोई...

दानवीर कर्ण की धर्मनिष्ठता

कुन्तीपुत्र कर्ण की धर्मनिष्ठता: कुन्तीपुत्र और दानवीर कर्ण के बारे में आप जानते ही है कि किस प्रकार से कर्ण कौरवों की सेना में होते हुए भी महान धर्मनिष्ठ योद्धा थे। यही कारण था कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी उनकी प्रशंसा...

वसंत उत्सव, आनंद की अभिव्यक्ति Spring Festival: Expression of Joy

वसंत, उत्सव का प्रतीक है। फूल खिलते हैं, पक्षी गीत गाते हैं, सब हरा हो जाता है, सब भरा हो जाता है। जैसे बाहर वसंत है, ऐसे ही भीतर भी वसंत घटता है और जैसे बाहर पतझड़ है, ऐसे ही भीतर...

Shat Tila Ekadashi | सबसे बड़ा दान होता है अन्नदान : षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी 4 फरवरी को है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। माघ माह सनातन धर्म में नरक से मुक्ति और मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है। यह एकादशी इस बात को बताती है कि धन आदि के मुकाबले...

दान-पुण्य का महत्व क्यों The Importance Of Charity

तिल द्वादशी के दिन व्रत करने से धन, धान्य, संपत्ति व परिवारिक सुख मे बढ़ोत्तरी और रोगों/मानसिक परेशानी का अंत और पवित्र नदियों में स्नान व दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति और जाने अनजाने मे किए गए पापो से...
error: Content is protected !!