जब श्री कृष्ण ने दिया राधा रानी को श्राप

Shri Krishan Ne Diya Tha Radhe Rani ko Shraap: श्री कृष्ण का राधा रानी को श्राप, कभी नहीं होगी संतान: “श्री” का अर्थ है “शक्ति” अर्थात “राधा जी” कृष्ण यदि शब्द हैं तो राधा अर्थ हैं। कृष्ण गीत हैं तो राधा...

शिवजी को नहीं चढ़ाना चाहिए शंख से जल, आखिर क्यों?

Why Lord Shiva is not offered water with shell शिवजी को शंख से जल क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए! भगवान शिव को औघड़दानी कहा जाता है। अगर भक्त मन से आराधना करे, तो बाबा भोलेनाथ प्रसन्न होकर उसकी सारी मनोकामनाएं पूरा करते...

भगवान शिव की तीन आंखें और हाथ में त्रिशूल का अर्थ क्या है?

Know The Significance of the third eye of Shiva and Trident: शिव की तीन आंखें और हाथ में त्रिशूल का अर्थ: भगवान शिव की तीसरी आंख को लेकर अक्सर लोग सवाल करते हैं। इसके बारे में कई कहानियां भी प्रचलित हैं।...

Radha Chalisa Hindi – श्री राधा चालीसा

Hindi Lyrics of Radhe-Rani Chalisa श्री राधा चालीसा Radha Chalisa ।।दोहा।। श्री राधे वुषभानुजा , भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी , प्रानावौ बारम्बार ।। जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये सुन्दर सुखद ललाम ।। ।।चौपाई।। जय...

Shiv Chalisa Hindi – श्री शिव चालीसा

Shri Shiv Chalisa in Hindi: शिव चालीसा पाठ   ।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग...

Ram Chalisa in Hindi – श्री राम चालीसा

Hindi Lyrics of Lord Ram Chalisa: श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa in Hindi) श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥ ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र...

Lord Vishnu Chalisa – विष्णु जी की चालीसा

Hindi Lyrics of Lord Vishnu Chalisa श्री विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa in Hindi) ।।दोहा।। विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥ ।।चौपाई।। नमो विष्णु भगवान खरारी,कष्ट नशावन अखिल बिहारी । प्रबल जगत में...

Chamunda devi Chalisa – चामुण्डा देवी की चालीसा

Hindi Lyrics of Chamunda devi Chalisa चामुण्डा देवी की चालीसा (Chamunda Devi in Hindi) दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़  ।। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत ।...
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