About Us

प्रिय मित्रों, शुभेछा,

आत्मपरिचय पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। इस ब्लॉग की शुरुआत २७ सितम्बर, २०१५ (27th Sep, 2015) को हुई और इसे शुरू करने के पीछे यही उद्देश्य रहा है कि जीवन को खुशहाल और उद्देश्यपूर्ण बनाने वाले, श्रेष्ठ और सकारात्मक विचारों के साथ – साथ हमारे अध्यात्मिक ज्ञान, संस्कृति और उसके आदर्शों को सारे संसार में फैलाने की एक कोशिश किया जाए, जिससे प्रत्येक व्यक्ति एक ऐसा जीवन जीने को प्रेरित हो, जहाँ सच्चाई, सदभाव, दया, धर्म , जीवन का सुख और संतोष उसके पल-पल के साथी हों। किसी का भी जीवन दुःख, निराशा और नकारात्मकता से न भरा हो।

सभी का जीवन दिव्यता से परिपूर्ण हो और एक आनंदमय जीवन जीते हुए सभी जीवन के उद्देश्य को प्राप्त कर सकें। इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को एक श्रेष्ठ सुखद व संतुलित जीवन के रूप में ढालना चाहता हैं। हम सभी जीवन भर यह प्रयास करते है कि हम जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे आगे रहें, लोग हमारा सम्मान करें, अच्छे कामो के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त हो और सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों ही क्षेत्र में हम सफल हो सके।

हमारा उद्देश्य:-

Atma Parichay का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की उनकी नकरात्मक जीवन, सोच और इस समाज के कारण मनोभावना पर लगी चोट को, सकारात्मकता और विचारों, पर श्रेष्ट व्यक्तियों की जीवनी, उनके सकरात्मक विचारों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बता कर, अध्यात्मिक लेखों के द्वारा मदद करना।

जिससे उत्कृष्ट चिंतन, श्रेष्ठ चरित्र और आत्मीय व्यवहार की नींव को इस समाज की जड़ से स्थापित किया जा सके जो किसी भी समाज में उत्कृष्ट व्यक्तित्व या व्यक्ति को एक शानदार और यादगार जिंदगी जीने के लिए बहुत जरूरी है। इस ब्लॉग के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, जीवन मे सफलता के लिए आवश्यक सूत्र, अवसरों को सही प्रकार से प्रयोग करने की दक्षता और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विभिन्न लेखों के माध्यम से चर्चा की जाएगी। जो आपको और हमे श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करें।

साथ ही AtmaParichay के रूप में हिंदी की एक ऐसी वेबसाइट का निर्माण करना है जहाँ पर आपको निम्न सभी सामग्री जैसे कि:-

मिल सके और हम अन्य ऐसे ही ज्ञान के विषयों पर आपके और अपने विचार एंव जानकारी को आदान-प्रदान कर सकें।

इस वेबसाइट पर कई लेखकों द्वारा लेख को प्रकाशित किया जाता हैं (कुछ ईमेल द्वारा आये हुए लेखों के साथ), परन्तु हमारी प्रमुख संपादक की बात करूँ तो उनकी मुख्य पसंदीदा पुस्तकों में “Bhagwat Geeta” का अलग ही स्थान हैं।

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किसी भी तरह के अन्य सुझाव और विचारों को आप इस पते पर भेज सकते है, हमे लिखें :-

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(* जल्द जवाब हेतू)



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