Category: Religious

Why flower of ketki not use for Lord Shiva worship

 Religious Beliefs: केतकी के फूल भोलेनाथ से दूर: केतकी के फूल का प्रयोग भोलेनाथ पर चढ़ाना पूरी तरह मना है क्‍योंकि केतकी ने शिव से झूठ बोला था। जाने क्‍या था वो झूठ और किसके लिए बोला गया था जिसने केतकी...

शिवलिंग का रहस्य और इसकी पूजा

  भगवान शिव का लिंग रहस्य और लिंग रूप में पूजा: भारत-भर में बारह ज्योर्तिलिंग, शिव के निराकार रूप के दर्शन कराते हैं। जिसके विषय में ये मान्यता है कि इनकी उत्पत्ति स्वयं हुई हैं। लिंग को शिव का निराकार रूप...

सूर्य-नमस्कार के समय इन 13 सूर्य मंत्रों का करे उच्‍चारण(13 Mantras for Surya Namaskar hindi me)

सूर्य को सुबह सुबह सभी देख सकते है कि कैसे वो अपनी मनोरम छठा बिखेरे हुए कितना खुबसूरत होता है, लेकिन बहुत से लोगो को सूर्य के उस नरम और सीतल भाव में योगा और सूर्य नमस्कार करते हुए आसानी से...

दानवीर कर्ण की धर्मनिष्ठता

कुन्तीपुत्र कर्ण की धर्मनिष्ठता: कुन्तीपुत्र और दानवीर कर्ण के बारे में आप जानते ही है कि किस प्रकार से कर्ण कौरवों की सेना में होते हुए भी महान धर्मनिष्ठ योद्धा थे। यही कारण था कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी उनकी प्रशंसा...

Why Ganga Bath is Special On Mauni Amavasya (क्यों खास है मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान)

8 फ़रवरी यानी सोमवार को मौनी अमावस्या है। भगवान ब्रह्मा के स्वयंभू पुत्र ऋषि मनु ने आजीवन मौन रहकर तपस्या की थी। इसीलिए इस तिथि को मौनी अमावस्या कहा जाता। शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन पवित्र संगम में देवताओं...

Shat Tila Ekadashi | सबसे बड़ा दान होता है अन्नदान : षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी 4 फरवरी को है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। माघ माह सनातन धर्म में नरक से मुक्ति और मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है। यह एकादशी इस बात को बताती है कि धन आदि के मुकाबले...

Sunderkand – शुभ अवसरों पर क्यों होता है सुंदर कांड का पाठ..?

  सुंदरकांड के बारे में सभी ने सुना होगा। बहुत से लोगों ने इसे पढ़ा भी होगा लेकिन हम आपको सुंदरकांड के बारे में पांच ऐसी बातें बता रहे हैं जिनके बारे में शायद आपको भी बहुत जानकारी न हो। 1....

Avoid Eating Rice On Ekadasi | एकादशी के दिन चावल खाने से करें परहेज

धर्म शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। ऐसा माना गया है कि इस दिन चावल खाने से प्राणी रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म पाता है, किन्तु द्वादशी को चावल खाने से इस योनि से मुक्ति...
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