कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता

It’s your thinking “No work is small or big”

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कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता – Real Life Short Inspirational Story:

एक बार ईश्वरचंद्र विद्यासागर इंग्लैंड गए हुए थे। उन्हें इंग्लैंड में एक सभा की अध्यक्षता करनी थी। जब वे सभा-स्थल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आयोजक बाहर खड़े होकर सफाई कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे।

सभा भवन की सफाई नहीं हुई थी। विद्यासागर जी ने झट से, पास रखा झाडू उठाया और सफाई करनी शुरू कर दी। उनके देखा – देखी आयोजक भी सफाई में जुट गये और सारा भवन साफ हो गया।

अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्यासागर ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है, छोटा या बड़ा होता है मन।

यदि आपके मन में उच्च विचार हैं तो आपको किसी भी तरह का कार्य करने में संकोच नहीं होगा। हर इंसान को स्वावलम्बी होना चाहिए। हम किसी पर निर्भर ना रहें, यह उचित नहीं है।

हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। आत्मनिर्भर की भावना से ही आपका और साथ ही साथ देश का सही मायने में विकास हो सकता है।

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