धोखे के बदले धोखा ही मिलता हैं – Hindi Story on Honesty

Agar Hum Kisi Ko Dhoka dete hai To Hume Bhi Dhoka Hi Milta Hai:

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Hindi Inspirational Story on Work Honesty:

Tit for Tat – धोखे के बदले धोखा – Hindi Motivational Story

एक गाँव में एक गरीब किसान था। उसी गाँव से लगे बड़े शहर में एक सेठ को वह रोजाना दो किलो मक्खन बेचा करता था। एक दिन सेठ ने मक्खन का वजन तोलने का फैसला लिया, यह देखने के लिए कि इसकी मात्रा कम तो नहीं होती हैं।

जब सेठ ने मक्खन तोला, तो वह वजन में कम था। सेठ गुस्से से आगबबूला हो गया और किसान को नगर कोतवाल के पास लेकर गया।

उस नगर का कोतवाल किसान और उस सेठ को अदालत में ले जाकर जज के पास हाजिर किया और सारी बात बताई। वहां जज ने जब किसान से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया और वह मक्खन को तोलने के लिए किस माप का इस्तेमाल करता है?

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किसान ने जवाब दिया- श्रीमान! मैं एक बहुत गरीब किसान हूं, मेरे पास इसके लिए कोई निश्चित माप के लिए कोई तोला नहीं है।

जज ने कहा कि फिर तुम मक्खन को कैसे तोलते हो?

किसान ने तब जवाब दिया कि मैं लंबे समय से जब से सेठ जी मुझसे मक्खन खरीद रहें है, मैं उनसे मक्खन के बदले उनसे एक किलो चावल और एक किलो आटा ले लेता था।

हर सवेरे मैं उसी को तराजू पर रख देता हूं और उतनी ही मात्रा में मक्खन तोलकर दे देता हूं। इसलिए मक्खन की मात्रा कम होने का अगर कोई दोषी है, तो वह सेठ जी ही है।

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जब जज ने सेठ से सख्ती से पूछा, तो सेठ ने बताया की वो उसे हमेशा उस किसान को वजन से कम मात्रा में चावल और आटा कम देता था!

Hindi Story से Seekh: हम अपनी जिन्दगी में जैसा करते है वैसा ही पाते है यानि हमे अपने धोखे के बदले धोखा ही मिलता है।

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